आपूर्ति, सहकारिता व खाद्य सुरक्षा विभाग की डीएम ने की समीक्षा, किसी भी गैस एजेंसी में सात दिन से अधिक स्टॉक न रहे: जिलाधिकारी
देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आपूर्ति विभाग, खाद्य विपणन, मंडी समिति, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, सहकारिता विभाग, बाट-माप विभाग तथा आईजीआरएस (IGRS) की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागों के अधिकारियों को जनहित से जुड़े कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करे तथा आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली, खाद्यान्न वितरण, आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, मंडी व्यवस्था, खाद्य सुरक्षा संबंधी गतिविधियों, सहकारिता विभाग की योजनाओं, बाट-माप विभाग की कार्यवाही तथा आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित करें तथा शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारण करें।
जिला पूर्ति विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने गैस एजेंसियों के संचालन एवं उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित सप्लाई इंस्पेक्टर को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद की सभी गैस एजेंसियों का आगामी 10 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से निरीक्षण पूरा किया जाए। निरीक्षण के दौरान गैस सिलेंडरों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था, उपभोक्ताओं को समय पर आपूर्ति तथा सुरक्षा मानकों का विशेष रूप से परीक्षण किया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी गैस एजेंसी के पास सात दिन से अधिक का गैस स्टॉक अनावश्यक रूप से नहीं होना चाहिए। यदि किसी एजेंसी द्वारा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने किसानों के लिए यूरिया एवं अन्य उर्वरकों की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को खाद की उपलब्धता में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। उर्वरकों का वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए तथा कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। उन्होंने कहा कि कृषि कार्यों के इस महत्वपूर्ण समय में किसानों की आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और किसी भी शिकायत का तत्काल समाधान किया जाए।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को निर्देशित किया गया कि खाद्य पदार्थों की नियमित जांच की जाए तथा मिलावटी एवं मानकविहीन खाद्य सामग्री बेचने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं बाट-माप विभाग को व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर नियमित निरीक्षण कर उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
आईजीआरएस की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता न बरती जाए, बल्कि प्रत्येक शिकायत का तथ्यपरक एवं संतोषजनक समाधान किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के लंबित रहने की स्थिति किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों से कहा कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करते हुए पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जनसेवा की भावना के साथ कार्य करें, ताकि आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें और शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक प्रभावी रूप से पहुंचे।
