काहिरा मेडिकल यूनिवर्सिटी में देवरिया के सत्यम ने रचा इतिहास, देश और जनपद का नाम किया रोशन
काहिरा मेडिकल यूनिवर्सिटी में देवरिया के सत्यम ने रचा इतिहास, देश और जनपद का नाम किया रोशन
देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के एक होनहार युवा सत्यम त्रिपाठी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराकर देश और अपने जनपद का नाम गर्व से ऊंचा किया है। सत्यम ने मिस्र (इजिप्ट) की ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित 'कायरो मेडिकल यूनिवर्सिटी' की कठिन परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। उनकी इस अभूतपूर्व उपलब्धि से न केवल उनका परिवार गदगद है, बल्कि पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद देवरिया के ग्राम व पोस्ट नूनखार के मूल निवासी संजय त्रिपाठी के सुपुत्र सत्यम त्रिपाठी बचपन से ही मेधावी छात्र रहे हैं। प्राचीन काल से ही शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में विशेष पहचान रखने वाले मिस्र की राजधानी काहिरा स्थित कायरो मेडिकल यूनिवर्सिटी से भारत के पहले बैच (2020-2025) के लिए देशभर से 18 होनहार छात्रों का चयन हुआ था। सत्यम ने न केवल इस ऐतिहासिक बैच का हिस्सा बनकर दाखिला लिया, बल्कि अपने पांच साल के अध्ययन काल (2020 से 2025) के दौरान अद्वितीय समर्पण और अनुशासन का परिचय भी दिया।
विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित सबसे कठिनतम परीक्षाओं और कड़े मूल्यांकन के दौर में सत्यम ने बैच के सभी भारतीय छात्रों के बीच उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए नंबर वन रैंक हासिल की। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली इस बड़ी कामयाबी के बाद सत्यम त्रिपाठी अब अपनी आगे की उच्च शिक्षा की राह तय कर रहे हैं। वर्तमान में वह लखनऊ स्थित अपने आवास पर रहकर मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएट (PG) की प्रवेश परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चों के लिए बने प्रेरणा सत्यम की इस गौरवशाली सफलता पर नूनखार गांव सहित पूरे देवरिया जिले के ग्रामीणों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शुभचिंतकों ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है। क्षेत्र के संभ्रांत लोगों और ग्रामीणों का कहना है कि सत्यम ने अपनी लगन से यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चे भी अगर ठान लें, तो विपरीत परिस्थितियों के बावजूद दुनिया के किसी भी कोने में सफलता का झंडा गाड़ सकते हैं। क्षेत्र के लोगों ने सत्यम के उज्ज्वल, सफल और समृद्ध भविष्य की कामना की है।
