अब रात में गश्त से बच नहीं पाएंगे सिपाही, क्यूआर कोड बताएगा लोकेशन

अब रात में गश्त से बच नहीं पाएंगे सिपाही, क्यूआर कोड बताएगा लोकेशन

अब रात में गश्त से बच नहीं पाएंगे सिपाही, क्यूआर कोड बताएगा लोकेशन

--शहर के 15 अतिसंवेदनशील मोहल्लों में लगेंगे क्यूआर कोड 

--जिले की सभी 1068 ग्राम पंचायतों में क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं

शाहजहांपुर। रात में ड्यूटी के दौरान गश्त के बजाय आराम फरमाने वाले सिपाहियों पर अब निगरानी रहेगी। पुलिस गश्त की हकीकत क्यूआर कोड स्कैनिंग से सामने आएगी। गश्त के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए क्यूआर कोड स्कैन करने पर ही सिपाही की उपस्थिति दर्ज मानी जाएगी। स्कैनिंग नहीं करने वाले सिपाहियों को गश्त से अनुपस्थित माना जाएगा। एसपी सौरभ दीक्षित ने जिले में रात्रि गश्त को प्रभावी बनाने के लिए यह व्यवस्था तैयार की है, जिसे मंगलवार से लागू किया जा रहा है। शहर के 15 अतिसंवेदनशील मोहल्लों के साथ जिले की सभी 1068 ग्राम पंचायतों में क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं। जिन क्षेत्रों में क्यूआर कोड लगते जाएंगे, वहां गश्त करने वाले सिपाहियों के लिए इसकी स्कैनिंग अनिवार्य होगी।

क्यूआर कोड स्कैनर अतिसंवेदनशील मोहल्लों के चौराहों, गांवों के पंचायत भवनों, स्कूलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जा रहे हैं। गश्त के दौरान सिपाही अपने मोबाइल फोन से क्यूआर कोड स्कैन करेंगे। स्कैन करते ही सिपाही के मोबाइल नंबर के साथ क्राइम कंट्रोल यूनिट में अलर्ट पहुंचेगा।

खास बात यह है कि क्यूआर कोड जियो टैगिंग से लैस होंगे। इससे स्कैन किए जाने के समय सिपाही की लोकेशन भी सामने आ जाएगी। इस व्यवस्था से क्यूआर कोड की फोटो मोबाइल में सुरक्षित कर घर बैठे स्कैन करने की कोशिश भी नहीं हो सकेगी।