देवरिया में खराब प्रगति वाले एमओआईसी को डीएम की चेतावनी, पांच से स्पष्टीकरण तलब
देवरिया में खराब प्रगति वाले एमओआईसी को डीएम की चेतावनी, पांच से स्पष्टीकरण तलब
देवरिया। कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जननी सुरक्षा योजना, नियमित टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, मातृ एवं शिशु मृत्यु, आयुष्मान भारत योजना, संचारी रोग नियंत्रण अभियान, टीबी और गैर संचारी रोगों (एनसीडी) सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना और नियमित टीकाकरण की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि जिन ब्लॉकों में पूर्ण टीकाकरण की प्रगति कम है, वहां आशा एवं एएनएम घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को चिन्हित करें और उनका टीकाकरण सुनिश्चित कराएं। एएनसी जांच में 50 प्रतिशत से कम प्रगति वाले एमओआईसी से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। वहीं, बनकटा, गौरीबाजार, भागलपुर, पथरदेवा और लार के एमओआईसी को कार्य में लापरवाही पर स्पष्टीकरण जारी करने को कहा। शून्य डिलीवरी वाली आशा कार्यकर्ताओं को चिन्हित कर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। सभी स्वास्थ्य सूचकांकों में पीछे चल रहे स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को 15 दिन के भीतर प्रगति में सुधार लाने की चेतावनी दी। कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर दो एमओआईसी अरबन का भी एक एक दिन का वेतन रोकने के भी निर्देश दिए गए।
संस्थागत प्रसव के आंकड़ों पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर 24 घंटे प्रसव की सुविधा अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं का समय से पंजीकरण और चार प्रसवपूर्व जांच (एएनसी) सुनिश्चित कराने को कहा। हाई रिस्क प्रेगनेंसी वाली महिलाओं को पहले से चिन्हित कर उनकी समुचित देखभाल और उपचार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सीएचसी और पीएचसी से मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर न किया जाए। सभी एमओआईसी को आरबीएसके टीम के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
शिशु मृत्यु के मामलों की समीक्षा के दौरान देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज द्वारा रेफर किए गए मामले में प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। वहीं, शिशु मृत्यु के डेथ ऑडिट में सही जानकारी उपलब्ध नहीं कराने पर पथरदेवा और देसही देवरिया के एमओआईसी को कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि मातृ एवं शिशु मृत्यु के प्रत्येक मामले में एमओआईसी और सीएचओ स्वयं क्षेत्र में जाकर डेथ ऑडिट करें तथा मृत्यु के कारणों का सही आकलन करें।
आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड बनाने की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की समीक्षा के दौरान देसही देवरिया के एमओआईसी द्वारा लापरवाही बरतने पर प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। उन्होंने डेंगू, मलेरिया, कालाजार और फाइलेरिया की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने को कहा। अनुशासनहीनता एवं लापरवाही पर अर्बन क्षेत्र के दो एमओआईसी का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश भी दिए। सभी एमओआईसी को निर्देशित किया गया कि ट्रिपल A की बैठक में लगातार अनुपस्थित रहने वाली 58 आशा और 126 आंगनबाड़ी कार्यकत्री के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही, बिना सूचना अस्पताल से अनुपस्थित रहने और मरीजों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत मिलने पर संबंधित डॉक्टर एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को अपनी उपस्थिति और दवाओं के स्टॉक की जानकारी प्रतिदिन पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, जॉइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी सदर अनिमेष वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके सिन्हा, एसीएमओ डॉ. अजय शाही, डिप्टी सीएमओ डॉ. कार्तिकेय पाण्डेय, डॉ. अश्वनी पाण्डेय, डॉ. हरेंद्र कुमार, डॉ. विपिन रंजन, डीपीएम पूनम, डीसीपीएम राजेश गुप्ता, डीएमओ सुधाकर मणि सहित सहयोगी संस्थाओं यूपीटीएसयू, सीफार और जेएसआई के प्रतिनिधि, एमओआईसी तथा अन्य स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे।
