धान खरीद की तैयारियों को लेकर कार्यशाला आयोजित, केंद्र प्रभारियों को दिए गए निर्देश
*धान खरीद की तैयारियों को लेकर कार्यशाला आयोजित, केंद्र प्रभारियों को दिए गए निर्देश
देवरिया। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीद की तैयारियों को लेकर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)/जिला खरीद अधिकारी की अध्यक्षता में कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में जिला खाद्य विपणन अधिकारी, देवरिया, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, जिला प्रबंधक पीसीएफ तथा एजेंसी के जिला प्रबंधक एवं धान क्रय केंद्र प्रभारी उपस्थित रहे। इस दौरान धान खरीद के निर्धारित मानकों, क्रय केंद्रों पर आवश्यक सुविधाओं और खरीद प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यशाला में बताया गया कि धान खरीद के लिए निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार विजातीय पदार्थ में अकार्बनिक पदार्थ की अधिकतम मात्रा एक प्रतिशत तथा कार्बनिक पदार्थ की एक प्रतिशत निर्धारित है। इसी प्रकार क्षतिग्रस्त, बदरंग, अंकुरित एवं घुने हुए दानों की मात्रा पांच प्रतिशत, अपरिपक्व, संकुचित एवं सिकुड़े हुए दानों की मात्रा तीन प्रतिशत, अधोमानक प्रजाति के अपमिश्रण की मात्रा छह प्रतिशत तथा नमी की अधिकतम सीमा 17 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
धान खरीद के लिए इलेक्ट्रॉनिक कांटों की उपलब्धता के संबंध में जिला प्रबंधक पीसीएफ, देवरिया ने कांटों की संख्या में कमी की जानकारी दी। इस पर मंडी सचिव एवं कृषि उत्पादन मंडी समिति को आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बताया गया कि धान खरीद के लिए सभी केंद्रों का पीसीएसएपी पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाना है। धान विक्रय के लिए जनपद में अभी तक मात्र 186 किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण होने पर असंतोष व्यक्त करते हुए सभी केंद्र प्रभारियों को अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही क्रय केंद्रों पर रखे जाने वाले अभिलेखों के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। धान खरीद के लिए उपयोगी बोरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु एजेंसियों के जिला प्रबंधकों को निर्देशित किया गया।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि चावल मिलों का धान क्रय केंद्रों से ऑनलाइन एवं ऑटोमेटेड संबद्धीकरण कराया जाएगा। इस वर्ष सभी क्रय केंद्रों पर लेबर की उपस्थिति अनिवार्य होगी। उपस्थिति दर्ज नहीं कराने पर हैंडलिंग ठेकेदार को पेनाल्टी लगाई जाएगी। अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी केंद्रों पर पेयजल, बैठने तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। ई-पॉप डिवाइस के संचालन के संबंध में भी प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही नमी मापने की प्रक्रिया का विधिवत प्रशिक्षण देने तथा धान की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। भारत सरकार के निर्धारित मानकों के अनुसार धान में नमी की अधिकतम सीमा 17 प्रतिशत तक रखी जाएगी। ई-पॉप मशीन के प्रशिक्षण को दोबारा कराने तथा मशीन में 200 मीटर की समस्या का समाधान कराने के लिए भी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
धान क्रय केंद्रों का संचालन प्रतिदिन सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक किया जाएगा। केंद्र प्रभारियों की उपस्थिति ई-पॉप मशीन के माध्यम से दर्ज की जाएगी। किसानों के पंजीकरण की प्रक्रिया, धान खरीद संबंधी शिकायतों के निस्तारण तथा खरीद प्रक्रिया की जानकारी भी विस्तार से दी गई।
कार्यशाला में जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि धान मिल को प्रेषित करते समय तीन फोटो अपलोड करना अनिवार्य होगा। उपस्थित अधिकारियों ने क्रय केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी दी। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता ने धान खरीद से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं दिशा-निर्देश दिए। कुछ केंद्र प्रभारियों ने हैंडलिंग एवं परिवहन ठेकेदारों द्वारा सहयोग नहीं किए जाने की शिकायत की। इस पर अपर जिलाधिकारी ने संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। साथ ही धान क्रय केंद्रों पर सुख-सुविधाओं की व्यवस्था के लिए एजेंसियों को प्रत्येक केंद्र प्रभारी के खाते में 10 हजार रुपये अग्रिम भेजने के निर्देश दिए।
