किसान दिवस में किसानों की समस्याओं के निस्तारण के लिए सीडीओ ने दिए निर्देश
देवरिया। मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित गांधी सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। बैठक में किसानों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने किसानों के अंश निर्धारण के संबंध में कहा कि जिन किसानों का अंश निर्धारण नहीं हुआ है, वे अपने परिवार का वंशवृक्ष तैयार कर उपलब्ध कराएं, ताकि अंश निर्धारण की प्रक्रिया में आसानी हो सके। नगरीय क्षेत्रों में बोरिंग की व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग पर उन्होंने किसान यूनियन के प्रतिनिधियों से लिखित प्रस्ताव देने को कहा, जिससे उसे शासन को भेजा जा सके। दुग्ध मूल्य के बकाया भुगतान के संबंध में वर्षवार विवरण उपलब्ध कराने तथा अगली बैठक में जिम्मेदार अधिकारी की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उर्वरक विक्रेताओं द्वारा किसानों को रसीद नहीं दिए जाने की शिकायत मिलने पर संबंधित विक्रेताओं को उर्वरक आवंटित न किया जाए। विद्युत क्षमता वृद्धि की समस्या के संबंध में उन्होंने प्रभावित किसानों से आवेदन प्राप्त कर उन्हें जनसुनवाई में शामिल करते हुए समाधान कराने की बात कही।
बैठक की शुरुआत में उप कृषि निदेशक सुभाष मौर्य ने पिछले किसान दिवस में प्राप्त आठ शिकायतों के निस्तारण की प्रगति से अवगत कराया। ग्राम तेनुआ बौबे निवासी जितेंद्र चतुर्वेदी ने अपने मकान के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन विद्युत तार को हटाने की समस्या उठाई। इस पर अधिशासी अभियंता, गौरीबाजार ने बताया कि विद्युत तार लगने के बाद टीनशेड का निर्माण किया गया है। उसे हटाने के लिए स्टीमेट तैयार कर लिया गया है। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत के साथ संयुक्त जांच टीम गठित कर रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप शाही ने कुछ अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा विद्युत मीटर की रीडिंग किए जाने की शिकायत उठाई। इस पर अधिशासी अभियंता विद्युत ने बताया कि सभी अधिकृत मीटर रीडरों को परिचय पत्र जारी किए गए हैं। उन्होंने किसानों से अधिकृत मीटर रीडरों से ही रीडिंग कराने और विद्युत बिल काउंटर पर जमा करने की अपील की। किसानों ने मीटर रीडरों की सूची उपलब्ध कराने की मांग की। दुग्ध मूल्य के बकाया भुगतान पर प्रभारी दुग्ध ने बताया कि दो सप्ताह का भुगतान प्राप्त हुआ है, जिसे शीघ्र किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। इस पर किसान रमेश मिश्रा ने बकाया भुगतान का वर्षवार विवरण प्रस्तुत करने की मांग की।
उप कृषि निदेशक ने कृषि विभाग की लाभकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा दो प्रकार के बीज मिनीकिट उपलब्ध कराए जाते हैं। इनमें निःशुल्क बीज मिनीकिट तथा बीज गोदामों के माध्यम से वितरित किए जाने वाले सामान्य बीज शामिल हैं। किसान विभागीय वेबसाइट https://agridarshan.up.gov.in पर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। वर्तमान में सरसों के बीज मिनीकिट एवं गेहूं के बीज की बुकिंग की जा रही है। उन्होंने इच्छुक किसानों से शीघ्र बुकिंग कराने को कहा। लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होने पर ई-लॉटरी के माध्यम से चयन किया जाएगा।
धान की फसल में रोगों से बचाव के लिए किसानों को बुवाई से पूर्व बीज शोधन करने की सलाह दी गई। किसान यूनियन के प्रतिनिधियों ने दामिनी गोल्ड, प्रसन्ना, मोती एवं संपूर्णानंद धान की प्रजातियों में रोग लगने की शिकायत करते हुए इनके प्रतिबंधन की मांग की। उप कृषि निदेशक ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की जानकारी देते हुए बताया कि नवंबर के प्रथम सप्ताह में किस्त आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि किसानों को प्रत्येक वर्ष ई-केवाईसी कराना होगा। ई-केवाईसी नहीं कराने वाले किसानों की किस्त रुक सकती है।
बैठक में उप कृषि निदेशक ने जनपद में उर्वरकों की उपलब्धता की जानकारी देते हुए बताया कि यूरिया 28,027 मीट्रिक टन, डीएपी 30,407 मीट्रिक टन, एनपीके 9,969 मीट्रिक टन, एमओपी 2,236 मीट्रिक टन तथा एसएसपी 2,729 मीट्रिक टन उपलब्ध है।
अधिशासी अभियंता विद्युत ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि जिन दूरस्थ गांवों में अभी तक विद्युतीकरण नहीं हुआ है, वहां यूईएचएच योजना संचालित की जा रही है। इसके तहत कम से कम छह विद्युत कनेक्शन होना अनिवार्य है। जनपद के 471 मजरों में कार्य चल रहा है, जिनमें से 371 मजरों में विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो चुका है।
जिला कार्यकारी अधिकारी, मत्स्य ने बताया कि एनएफडीपी योजना के अंतर्गत पहले से तालाबों में मत्स्य पालन कर रहे पात्र मत्स्य पालकों को परफॉर्मेंस ग्रांट दी जा रही है। इसके लिए परियोजना रिपोर्ट तैयार कर कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी। रिपोर्ट के आधार पर परियोजना लागत का 25 प्रतिशत अथवा अधिकतम 35 लाख रुपये तक अनुदान देय है। इच्छुक मत्स्य पालक पंजीकरण कराकर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
अपर साधन सहकारी समितियों के प्रतिनिधि ने बताया कि समितियों के गोदामों पर यूरिया एवं डीएपी उपलब्ध है। मुख्य विकास अधिकारी ने अगले दिन से ही उर्वरकों का वितरण शुरू कराने के निर्देश दिए। साथ ही बताया गया कि साधन सहकारी समिति के सदस्य किसान तीन प्रतिशत ब्याज दर पर अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक ऋण प्राप्त कर सकते हैं।
किसान दिवस में अधिशासी अभियंता सिंचाई, सहायक अभियंता नलकूप, अग्रणी जिला प्रबंधक, प्रभारी भूमि संरक्षण अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, प्रभारी जिला कृषि रक्षा अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, अपर सहायक निबंधक सहकारी समितियां, दुग्ध उत्पादक संघ उसरा के प्रबंधक तथा एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी के जिला समन्वयक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप शाही, प्रदेश प्रवक्ता इं. अतुल मिश्र, प्रदेश उपाध्यक्ष कौशलेश नाथ मिश्र, कुंवर राणा प्रताप सिंह, रमेश मिश्रा, जितेंद्र चतुर्वेदी, सत्याग्रहण सरोज, सदानंद यादव सहित अन्य किसान भी बैठक में मौजूद रहे।
