देवरिया तहसील में भ्रष्टाचार के आरोपों पर अधिवक्ताओं का प्रदर्शन से मचा हड़कंप 

देवरिया तहसील में भ्रष्टाचार के आरोपों पर अधिवक्ताओं का प्रदर्शन से मचा हड़कंप 

देवरिया तहसील में भ्रष्टाचार के आरोपों पर अधिवक्ताओं का प्रदर्शन से मचा हड़कंप 

देवरिया। जनपद की सदर तहसील में भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के आरोपों को लेकर तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने शनिवार को दिन में करीब एक बजे प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने तहसील समाधान दिवस के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनिमेष वर्मा को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि विभिन्न मामलों को निपटाने के लिए सुविधा शुल्क मांगा जाता है। साथ ही, कार्यालयों में निजी लोग मौजूद रहते हैं। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर समस्याओं का तुरंत समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करेंगे और कोर्ट का बहिष्कार करेंगे।

बार एसोसिएशन ने एक बैठक में सदर तहसील के आरके कार्यालय, तहसीलदार न्यायिक और तहसीलदार न्यायालय में निजी लोगों के बैठने का मुद्दा उठाया। वकीलों का आरोप है कि धारा 34 की फाइलों में आदेशों का पालन कराने और दूसरे मामलों को निपटाने के लिए सुविधा शुल्क मांगा जाता है। वरासत, धारा 24, धारा 80 और अन्य राजस्व मामलों में भी गड़बड़ी के आरोप लगाए गए।

अधिवक्ताओं ने बताया कि धारा 31/32 से जुड़ी कई फाइलें करीब डेढ़ साल से पेंडिंग हैं। दाखिल-खारिज के आदेशों का कंप्यूटर पर पालन नहीं हो रहा है। कुछ विवादित फाइलों को पोर्टल पर दर्ज किए बिना ही कोर्ट में चलाया जा रहा है। उनका कहना है कि बहस पूरी होने के बाद भी कई फाइलों को निपटाया नहीं जा रहा है।

बार एसोसिएशन ने ज्ञापन में मांग की है कि तहसील कार्यालयों में काम कर रहे निजी लोगों को हटाया जाए। साथ ही, गड़बड़ी के आरोपों की जांच कर कार्रवाई की जाए। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर तुरंत फैसला नहीं हुआ, तो वे आगे उग्र आंदोलन करेंगे और कोर्ट का बहिष्कार करेंगे। अधिवक्ताओं ने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान कोई गलत घटना होने पर जिला प्रशासन जिम्मेदार होगा। प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई विस्तृत जवाब नहीं आया है।