भीखम छपरा में आर एस एस कार्यकर्ता की लाठियों से पीट-पीट कर हत्या, स्पीड ब्रेकर बनवाने को लेकर पड़ोसियों से हुआ विवाद
भीखम छपरा में आर एस एस कार्यकर्ता की लाठियों से पीट-पीट कर हत्या, स्पीड ब्रेकर बनवाने को लेकर पड़ोसियों से हुआ विवाद
देवरिया। जनपद के लार थाना अंतर्गत ग्राम भीखम छपरा गांव में गुरुवार की देर शाम उस समय हड़कंप मच गया जब आरएसएस कार्यकर्ता की लाठियों से पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि रामेश्वर तिवारी अपने घर के सामने सड़क पर स्पीड ब्रेकर बनवा रहे थे। उनके पड़ोसी इसका विरोध कर रहे थे। इसी बात को लेकर रामेश्वर और उनके पड़ोसियों से विवाद शुरू हो गया।
मामला इस कदर बढ़ा कि पड़ोसियों ने लाठी-डंडे से पीट-पीट कर उनकी हत्या कर दी। रामेश्वर लार क्षेत्र के आरएसएस के सक्रिय कार्यकर्ता थे। उनकी पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने 6 नामजद और 10 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब आगे की कार्रवाई में जुटी है।
रामेश्वर तिवारी लगभग 10 सालों से संघ से जुड़े थे और नियमित संघ की शाखा में भाग लेते थे। वह आरएसएस के लार खंड के रक्शा मंडल के प्रमुख रह चुके थे। वर्तमान में वह लार खंड की सामाजिक समरसता प्रमुख थे। क्षेत्र में उनकी पहचान संघ के सक्रिय कार्यकर्ता और समाजसेवी के रूप में थी। गुरुवार को वह अपने दरवाजे के सामने सड़क स्पीड ब्रेकर बनवा रहे थे। इसका उनके पड़ोसियों ने विरोध किया। पड़ोसियों का कहना था कि ब्रेकर बन जाने से वाहनों को आने-जाने में परेशानी होगी, मगर रामेश्वर पड़ोसियों की बात नहीं माने। इस मामले को लेकर बहुत शुरू हो गई। विवाद इस कदर बढ़ गया कि उनके पड़ोसियों ने लाठी डंडे से पीट कर उन्हें अधमरा दिया । घायल अवस्था में परिजन उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।रामेश्वर तिवारी का अपने पड़ोसियों से पहले भी कई बार रास्ते को लेकर विवाद हो चुका है।
परिजनों के मुताबिक, बीते 20 जुलाई को उन्होंने थाने पर एप्लीकेशन देकर अपने हत्या की आशंका भी जताई थी मगर पुलिस ने इस पर ध्यान नहीं दिया था। घटना की सूचना बाद मौके पर पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर शंकर समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने रामेश्वर की पत्नी अमृता की तहरीर पर संजय तिवारी, दीपक तिवारी, प्रांजल तिवारी, अभिनीत आदित्य और निखिल के खिलाफ नामजद और 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। परिजनों के अनुसार रामेश्वर तिवारी के पिता श्याम नारायण तिवारी की भी साल 1989 में हत्या हुई थी।
साल 2019 में उनके ट्रैक्टर और ड्राइवर की भी हत्या की गई थी। परिजन इन दोनों मामलों में पड़ोसियों पर आरोप लगाते रहे हैं। परिजनों ने बताया कि बीते 19 सितंबर को उन्हें जान से मारने की धमकी मिली थी। 20 सितंबर को इसकी शिकायत उन्होंने स्थानीय पुलिस से की थी, मगर पुलिस ने ध्यान नहीं दिया।
