विद्यार्थियों ने वेका टूल से सीखी मशीन लर्निंग की बारीकियां

विद्यार्थियों ने वेका टूल से सीखी मशीन लर्निंग की बारीकियां

विद्यार्थियों ने वेका टूल से सीखी मशीन लर्निंग की बारीकियां

पीयू में एआई एवं एमएल लर्निंग सीरीज का दूसरा व्याख्यान संपन्न

जौनपुर । वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय के कंप्यूटर विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग द्वारा संचालित ‘एआई एवं एमएल लर्निंग सीरीज’ के दूसरे व्याख्यान का बुधवार को सफल आयोजन किया गया। “वेका टूल के माध्यम से मशीन लर्निंग की मूल अवधारणाएं” विषय पर आयोजित यह व्याख्यान ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से संपन्न हुआ, जिसमें विभिन्न कार्यक्रमों के 145 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

मुख्य वक्ता डॉ. अनुश्री अग्रवाल ने विद्यार्थियों को मशीन लर्निंग की मूल बातें, डेटा का विश्लेषण, डेटा की तैयारी तथा वेका टूल के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोई भी मशीन लर्निंग मॉडल तभी बेहतर काम करता है, जब उसका डेटा सही, साफ और उपयुक्त रूप में तैयार किया गया हो।

डॉ. अग्रवाल ने विद्यार्थियों को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि डेटा में संख्यात्मक और श्रेणीबद्ध जानकारी कैसे होती है, खाली या गलत मान कैसे पहचाने जाते हैं तथा डेटा के वितरण, संबंध और असंतुलन का विश्लेषण क्यों आवश्यक है। उन्होंने डेटासेट की जांच से लेकर मॉडल का प्रशिक्षण, परीक्षण और परिणामों की समझ तक की पूरी प्रक्रिया वेका टूल के जरिए प्रदर्शित की।

उन्होंने कहा कि आज के तकनीकी युग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग का ज्ञान विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है। इस तरह के व्यावहारिक प्रशिक्षण से विद्यार्थी केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं प्राप्त करते, बल्कि वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए तकनीक का उपयोग करना भी सीखते हैं।

कार्यक्रम का आयोजन इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय के डीन प्रो. सौरभ पाल तथा कंप्यूटर विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रांत भटेजा के मार्गदर्शन में किया गया। आयोजन समिति के सदस्य दिलीप कुमार यादव, अशोक कुमार यादव एवं कृष्ण कुमार यादव का कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण योगदान रहा।

इस लर्निंग सीरीज का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग के क्षेत्र में व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी कौशल और परियोजना-आधारित अधिगम के अवसर प्रदान करना है। आगामी व्याख्यानों में विभिन्न मशीन लर्निंग एल्गोरिदम, मॉडल के मूल्यांकन तथा विद्यार्थियों की परियोजनाओं के प्रदर्शन पर विशेष जोर दिया जाएगा। आयोजन टीम ने विश्वविद्यालय प्रशासन, मुख्य वक्ता, शिक्षकगण एवं सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।