देवरिया के सलेमपुर में इंटर स्टेट गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार, 1.20 करोड़ का गांजा बरामद

देवरिया के सलेमपुर में इंटर स्टेट गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार, 1.20 करोड़ का गांजा बरामद

देवरिया। जनपद के सलेमपुर उत्तर प्रदेश एसटीएफ और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की संयुक्त टीम ने सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। बताया जा रहे टीम ने बुधवार की रात सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के सहला के पास से चार तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये मूल्य का गांजा बरामद किया। गिरफ्तार आरोपियों में सतना (मध्य प्रदेश) निवासी आशीष पांडे और संदीप कोल तथा देवरिया निवासी रितेश जायसवाल और आदर्श जायसवाल शामिल हैं।

 जांच में सामने आया है कि गिरोह असम से गांजा मंगाकर उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में इसकी आपूर्ति करता था। एसटीएफ के अनुसार, आरोपियों की महिंद्रा पिकअप से लगभग दो कुंटल गांजा बरामद किया गया। इसके अलावा मुख्य आरोपी रितेश जायसवाल के घर पर छापेमारी के दौरान करीब दो कुंटल गांजा और बरामद हुआ। कुल बरामद गांजे की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 1.20 करोड़ रुपये आंकी गई है।

पूछताछ में पता चला कि देवरिया निवासी रितेश जायसवाल असम के एक तस्कर टिंकू मंसूर के माध्यम से गांजे की खेप मंगवाता था। मध्य प्रदेश के आशीष पांडे और संदीप कोल असम के मीसामारी क्षेत्र से पिकअप वाहन में गांजा लेकर आते थे और उसे देवरिया पहुंचाते थे।

तस्करों ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को धोखा देने के लिए अपनी पिकअप पर सीआरपीएफ का स्टीकर लगा रखा था। रास्ते में वाहन रोके जाने पर वे पिकअप में सीआरपीएफ जवानों का घरेलू सामान होने की बात कहकर जांच से बचने का प्रयास करते थे। इसी तरीके से वे लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी कर रहे थे।

एसटीएफ और एनसीबी की टीम को गिरोह की गतिविधियों की गोपनीय सूचना मिली थी। इसके बाद संयुक्त टीम ने निगरानी बढ़ाई और सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के सहला के पास घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया। तलाशी के दौरान गांजे की बड़ी खेप मिलने पर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

अधिकारियों के अनुसार मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों, वित्तीय लेन-देन और असम से जुड़े नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि तस्करी के इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

इस कार्रवाई को पूर्वांचल क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अब गिरोह के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में कार्रवाई कर रही हैं।