आरएसएस कार्यकर्ता रामेश्वर तिवारी की हत्या मामले में लापरवाही बरतते पर थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित

आरएसएस कार्यकर्ता रामेश्वर तिवारी की हत्या मामले में लापरवाही बरतते पर थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित

आरएसएस कार्यकर्ता रामेश्वर तिवारी की हत्या मामले में लापरवाही बरतते पर थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित

देवरिया। जिले के लार थाना क्षेत्र के भीखम छपरा गांव में रास्ते के विवाद को लेकर हुई हिंसक मारपीट में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ता रामेश्वर तिवारी (50) की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामले में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में लार थाना प्रभारी राकेश कुमार और उपनिरीक्षक राममूरत समेत दो बीट सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, भीकम छपरा गांव में रामेश्वर तिवारी का उनके पड़ोसियों के साथ घर के सामने रास्ते और स्पीड ब्रेकर को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। बीते दिनों इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से खूनी संघर्ष हुआ। इस हमले में रामेश्वर तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

घटना के बाद मृतक के परिजनों ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि रास्ते के विवाद को लेकर रामेश्वर तिवारी ने पहले भी पुलिस को लिखित शिकायत दी थी और अपनी जान का खतरा बताया था। आरोप है कि अगर लार थाना पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती, तो आज यह अनहोनी नहीं होती।

वारदात की गंभीरता को देखते हुए गोरखपुर जोन के डीआईजी एस. चन्नप्पा और देवरिया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिजीत आर शंकर ने भारी पुलिस बल के साथ भीकम छपरा गांव पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर ढाढस बंधाया। डीआईजी एस. चन्नप्पा ने सख्त लहजे में कहा कि अपराधियों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को भी बख्शा नहीं जाएगा। इसी जवाबदेही के तहत चारों पुलिसकर्मियों पर निलंबन की गाज गिरी है।

पुलिस ने मृतक की पत्नी की तहरीर पर संजय तिवारी और दीपक तिवारी समेत 6 नामजद और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या व अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। घटना के बाद से ही सभी आरोपी फरार हैं। पुलिस अधीक्षक ने फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए 5 विशेष टीमों का गठन किया है, जो संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।