सम्पूर्ण समाधान दिवस में उमड़ी फरियादियों की भीड़, 165 शिकायतें दर्ज
सम्पूर्ण समाधान दिवस में उमड़ी फरियादियों की भीड़, 165 शिकायतें दर्ज
गोरखपुर। सदर तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की भारी भीड़ उमड़ी। कार्यक्रम की अध्यक्षता एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार एवं एसपी सिटी निमिष पाटील ने संयुक्त रूप से की। समाधान दिवस में कुल 165 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 15 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश के साथ भेजा गया।
समाधान दिवस में सबसे अधिक शिकायतें भूमि विवाद, फर्जी रजिस्ट्री, पैमाइश, अतिक्रमण, कब्जा, चहारदीवारी निर्माण में बाधा तथा आपसी विवाद से संबंधित रहीं। कई फरियादियों ने आरोप लगाया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन की दोहरी रजिस्ट्री कर दी गई है और शिकायत के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। इस पर एडीएम सिटी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतों में यह भी सामने आया कि कई मामलों में पैमाइश के बाद तैयार की गई रिपोर्ट में नक्शा नजरी संलग्न नहीं किया गया है और न ही कब्जे का स्पष्ट विवरण दिया गया है, जिससे विवाद और बढ़ रहा है। इस पर अधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए राजस्व निरीक्षक, लेखपाल एवं संबंधित कर्मियों को निर्देशित किया कि सभी रिपोर्ट पूर्ण, पारदर्शी एवं तथ्यपरक हों, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों से आए प्रार्थना पत्रों में सिवान विवाद, खेत की मेढ़ तोड़कर कब्जा करने, जमीन में घुसपैठ तथा चहारदीवारी निर्माण में बाधा डालने की शिकायतें प्रमुख रहीं। कुछ मामलों में दबंगों द्वारा धमकी देने और मारपीट पर आमादा होने की बात भी सामने आई। इस पर एसपी सिटी ने संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करें और पीड़ित पक्ष को सुरक्षा प्रदान करें।
कार्यक्रम में फरियादियों ने यह भी शिकायत की कि पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्रों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उन्हें बार-बार तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इस पर एडीएम सिटी ने सभी विभागीय अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतों का निस्तारण तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए, ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानी न हो।
समाधान दिवस के दौरान एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार जब तहसील सभागार की ओर जा रहे थे, उसी दौरान बरामदे में दिन के समय ट्यूबलाइट जलती हुई मिली। इस पर उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए मौके पर मौजूद कर्मचारियों से ट्यूबलाइट बंद करवाई और अनावश्यक बिजली खपत पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि सरकारी कार्यालयों में बिजली की बचत सुनिश्चित की जाए और लापरवाही बरतने पर जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर एसडीएम सदर ज्ञान प्रताप सिंह, तहसीलदार सत्य प्रकाश गुप्ता, नायब तहसीलदार भागीरथी सिंह, आकांक्षा पासवान, अरविंद नाथ पांडेय, देवेंद्र यादव, नीलम त्रिपाठी, नेहा राय, चकबंदी सीओ सुनील सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी, कानूनगो, लेखपाल एवं थाना स्टाफ उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर करते हुए रिपोर्ट समय से प्रस्तुत की जाए, जिससे समाधान दिवस की व्यवस्था का वास्तविक लाभ आमजन को मिल सके।
अगर चाहें तो मैं इसमें और “लोकल एंगल”, पीड़ितों के छोटे-छोटे उद्धरण या और ज्यादा अखबारी टच भी जोड़ सकता हूँ।
