कानून-व्यवस्था का सेनापति विदा—राज करन नय्यर की विदाई में एकजुट दिखा पूरा पुलिस महकमा
कानून-व्यवस्था का सेनापति विदा—राज करन नय्यर की विदाई में एकजुट दिखा पूरा पुलिस महकमा
गोरखपुर। गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रहे डीआईजी राज करन नय्यर के गाजियाबाद में अपर पुलिस आयुक्त के पद पर स्थानांतरण के बाद पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस सभागार में भव्य एवं गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह का नेतृत्व एडीजी जोन मुथा अशोक जैन ने किया। इस अवसर पर पूरा पुलिस महकमा अपने लोकप्रिय कप्तान को सम्मानपूर्वक विदा करता नजर आया।
राज करन नय्यर को तीन माह पूर्व ही डीआईजी के पद पर पदोन्नति मिली थी। शासन ने उनके प्रशासनिक अनुभव और कार्यकुशलता को देखते हुए उन्हें गाजियाबाद जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण कमिश्नरेट में अपर पुलिस आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी है। गोरखपुर में उनके कार्यकाल को पुलिसिंग के सुदृढ़ीकरण, अनुशासन और संवेदनशील प्रशासन के लिए याद किया जाएगा।
विदाई समारोह में एडीजी जोन मुथा अशोक जैन ने राज करन नय्यर के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने गोरखपुर जैसे बड़े जिले में कानून-व्यवस्था को नई दिशा दी। अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पुलिसकर्मियों के मनोबल को ऊंचा रखने में उनकी भूमिका सराहनीय रही। उन्होंने कहा कि नय्यर जैसे अधिकारी जहां भी जाते हैं, वहां अपने कार्य से अलग पहचान बनाते हैं।
समारोह में एसपी सिटी अभिनव त्यागी, एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र, एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार, एसपी अपराध सुधीर जायसवाल, एसपी ट्रैफिक राजकुमार पांडेय, सहायक पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार एस, सहायक पुलिस अधीक्षक दिनेश गोदरा सहित जनपद के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त सीओ कैंट योगेंद्र सिंह, सीओ कोतवाली ओमकार दत्त तिवारी, सीओ गोरखनाथ रवि सिंह, सीओ कैंपियरगंज अनुराग सिंह, सीओ खजनी कमलेश सिंह, सीओ गोला, सीओ चौरीचौरा दरवेश, सीओ ट्रैफिक विवेक तिवारी सहित सभी सर्किलों के अधिकारी, थाना प्रभारी और थानाध्यक्ष भी उपस्थित रहे।
विदाई समारोह की सबसे भावुक घड़ी वह रही जब प्रत्येक थाना प्रभारी, क्षेत्राधिकारी और अधीनस्थ अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र में कप्तान के साथ किए गए कार्यों, अभियानों और मार्गदर्शन को याद किया। वक्ताओं ने बताया कि राज करन नय्यर ने हमेशा टीम भावना को प्राथमिकता दी और हर स्तर के अधिकारी-कर्मचारी को साथ लेकर चलने का प्रयास किया।
अपने संबोधन में डीआईजी राज करन नय्यर ने गोरखपुर पुलिस परिवार का आभार जताया।
उन्होंने कहा कि गोरखपुर उनका सिर्फ कार्यस्थल नहीं बल्कि परिवार बन गया था। यहां की टीम ने हर चुनौती में साथ दिया, जिससे कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में सफलता मिली। उन्होंने कहा कि पुलिसिंग केवल सख्ती नहीं बल्कि संवेदनशीलता और संवाद का नाम है, जिसे गोरखपुर पुलिस ने बखूबी निभाया।
उन्होंने सभी अधिकारियों और जवानों से ईमानदारी, निष्ठा और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया। साथ ही यह विश्वास जताया कि गोरखपुर पुलिस आने वाले समय में भी उत्कृष्ट कार्य करती रहेगी और प्रदेश में अपनी पहचान बनाए रखेगी।
समारोह के अंत में अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से डीआईजी राज करन नय्यर को स्मृति चिन्ह, पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। पूरे व्हाइट हाउस सभागार में तालियों की गूंज और सम्मान का भाव स्पष्ट झलक रहा था। यह विदाई समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक ऐसे कप्तान के प्रति सम्मान और स्नेह का प्रतीक था, जिसने अपने कार्यकाल में गोरखपुर पुलिस को नई ऊर्जा और दिशा दी।
गोरखपुर पुलिस के इतिहास में राज करन नय्यर का कार्यकाल एक सशक्त, अनुशासित और संवेदनशील पुलिसिंग के रूप में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
