जिला कारागार में ‘सुरक्षित बचपन योजना’ के तहत निरीक्षण, बच्चों के विकास पर जोर

जिला कारागार में ‘सुरक्षित बचपन योजना’ के तहत निरीक्षण, बच्चों के विकास पर जोर

देवरिया। जिला कारागार देवरिया का निरीक्षण अपर जिलाधिकारी (प्र0) प्रेम नारायण सिंह की अध्यक्षता में ‘सुरक्षित बचपन योजना’ के अंतर्गत गठित संयुक्त निगरानी समिति द्वारा किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य जिला कारागार में महिला बंदियों के साथ रह रहे 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के समग्र विकास एवं संरक्षण को सुनिश्चित करना था। इसके तहत बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, देखरेख, मनोरंजन, मनोसामाजिक परामर्श एवं भावनात्मक सहयोग से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।

        यह कार्रवाई माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा पारित आदेश दिनांक 22 जुलाई 2025 (क्रिमिनल मिस बेल आवेदन संख्या 25993/2024, रेखा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य तथा 11262/2025, संतोष बनाम उत्तर प्रदेश राज्य) के अनुपालन में की गई। जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा बच्चों की व्यक्तिगत देखरेख योजना किशोर न्याय अधिनियम के अंतर्गत तैयार की गई है।

           निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (प्र0) ने संबंधित विभागों को शासनादेश में निहित प्रावधानों के अनुरूप नियमित निरीक्षण एवं आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान कारागार में 05 बच्चे आवासित पाए गए।

संरक्षण अधिकारी द्वारा महिला कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया गया कि महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना एवं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) से आच्छादित किए जाने का प्रावधान है। वहीं जेल अधीक्षक ने बताया कि बच्चों को शासनादेश के अनुरूप सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

         मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक पौष्टिक आहार एवं विटामिन उपलब्ध कराने के सुझाव दिए गए। खंड शिक्षा अधिकारी ने शिक्षा विभाग की योजनाओं से जोड़ने तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों से आच्छादित किए जाने की जानकारी दी।

      निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक (उ0) आनन्द कुमार पाण्डेय, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अनिल गुप्ता, जेल अधीक्षक आशीष रंजन झा, जेलर राजकुमार, डिप्टी जेलर अम्बरीश मिश्रा, जिला परिवीक्षा अधिकारी अनिल कुमार सोनकर, खंड शिक्षा अधिकारी देवमुनी वर्मा, बाल विकास परियोजना अधिकारी रत्नेश पाण्डेय, बाल कल्याण समिति सदस्य विवेकानन्द मिश्र, संरक्षण अधिकारी जय प्रकाश तिवारी, परामर्शदाता अर्चना गौड़, सामाजिक कार्यकर्ता राजेश कुमार यादव तथा केस वर्कर अमित कुमार उपाध्याय उपस्थित रहे।