बीएससी पांचवें सेमेस्टर की उत्तर पुस्तिकाओं की होगी पुनः जांच, 10 दिन में रिपोर्ट
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में बीएससी पांचवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों द्वारा दिए गए धरना-प्रदर्शन के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उत्तर पुस्तिकाओं के पुनः जांच के निर्देश दिए हैं। मामले के संबंध में स्पष्ट किया गया है कि विद्यार्थियों का असंतोष उनके परीक्षा परिणाम अपूर्ण होने को लेकर नहीं, बल्कि अपेक्षा से कम अंक प्राप्त होने को लेकर था। छात्रों की मुख्य मांग यही थी कि उनकी उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराया जाए, उन्हें कम अंक मिले है।
बताया गया कि 4 अप्रैल 2026 को छात्रों द्वारा इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन को प्रत्यावेदन सौंपा गया, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए पुनः जांच का निर्णय लिया गया। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, प्रत्येक विषय के लिए दो-दो विषय विशेषज्ञों की समिति गठित की गई है। इन समितियों को निर्देश दिया गया है कि वे 10 कार्य दिवस के भीतर जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि छात्रों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जा सके।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ समाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में यह प्रकाशित किया गया कि छात्र अपूर्ण परीक्षा परिणाम के कारण धरना दे रहे थे, जो कि तथ्यात्मक रूप से भ्रामक है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, धरने का कारण केवल कम अंक मिलने को लेकर असंतोष था, न कि परिणाम का अपूर्ण होना।
विश्वविद्यालय ने भरोसा दिलाया है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संपन्न की जा रही है और जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही छात्रों को उनके परिणामों के संबंध में उचित एवं संशोधित जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी।
