पीएसपी के सहयोग से फाइलेरिया मरीजों को दिया गया एमएमडीपी प्रशिक्षण
पीएसपी के सहयोग से फाइलेरिया मरीजों को दिया गया एमएमडीपी प्रशिक्षण
देवरिया। फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत पथरदेवा ब्लॉक के आयुष्मान आरोग्य मंदिर बंजरिया में मंगलवार को गठित पीएसपी (पेशेंट स्टेक होल्डर प्लेटफार्म) के सहयोग से फाइलेरिया मरीजों को रोग प्रबंधन के लिए एमएमडीपी प्रशिक्षण दिया गया। 14 मरीजों को रुग्णता प्रबंधन और दिव्यांगता निवारण किट का वितरण किया गया, जिससे वह घर पर ही अपने घावों और पैरों की बेहतर देखभाल कर सकें। इसके साथ ही व्यायाम करने के टिप्स दिए गए। इस दौरान पीएसपी सदस्य एएनएम ने डेमो देकर प्रभावित अंग की साफ सफाई की जानकारी दी।
मरीजों को प्रशिक्षण देते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) अजय ने कहा कि नियमित सफाई से सफाई फाइलेरिया प्रभावित अंग की सही देखभाल, साफ सफाई और व्यायाम से हाथीपांव की सूजन में कमी आई है। इसके साथ ही फाइलेरिया के अटैक भी कम हुए हैं। उन्होंने बीमारी की गंभीरता के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि फाइलेरिया बीमारी क्यूलेक्स मच्छर फाइलेरिया संक्रमित व्यक्ति को काटने के बाद किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है तो उसे भी संक्रमित कर देता, लेकिन संक्रमण के लक्षण पांच से 15 वर्ष में उभरकर सामने आते हैं। इससे व्यक्ति के हाथ-पैर में सूजन की शिकायत होती है या फिर अंडकोष में सूजन आ जाती है। महिलाओं को स्तन के आकार में परिवर्तन हो सकता है। शुरुआत में रोग की पहचान होने पर इसे रोका जा सकता है। इस बीमारी से साल में एक बार लगातार पांच साल दवा के सेवन से बचा जा सकता है।
पीएसपी सदस्य सीएचओ ने फाइलेरिया मरीजों को हाथी पांव की नियमित सफाई, सूजन कम करने के उपाय, और संक्रमण से बचाव की जानकारी दी। बताया कि समय पर देखभाल से इस बीमारी के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। फाइलेरिया एक गंभीर लेकिन रोकथाम योग्य बीमारी है। मरीजों को लगातार साफ-सफाई और उपचार की आवश्यकता होती है। सीएचओ ने किट में मौजूद सामग्री जैसे साबुन, टावेल, एंटीसेप्टिक व अन्य उपकरणों के उपयोग की विधि करके दिखाया व मरीजों को समझाया।
कार्यक्रम में पीएसपी सदस्य एएनएम सत्या, डीसीजी सदस्य कोटेदार, बीएचडब्ल्यू राकेश, सहयोगी संस्था सीफार के जिला प्रतिनिधि सहित, आशा, आंगनबाडी, फाइलेरिया मरीज सहित ग्रामीण मौजूद रहे।
