देवरिया की फरार बीएसए दिल्ली से गिरफ्तार , पच्चीस हजार रुपए का इनाम था घोषित
देवरिया की फरार बीएसए दिल्ली से गिरफ्तार , पच्चीस हजार रुपए का इनाम था घोषित
गोरखपुर/देवरिया/कुशीनगर। शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या कांड में चार महीने से फरार चल रहीं बीएसए शालिनी श्रीवास्तव को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बीएसए और लिपिक की गिरफ्तारी के लिए 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, कोर्ट से गैर जमानती वारंट भी जारी था। गिरफ्तारी से बचने के लिए बीएसए शालिनी श्रीवास्तव ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दी थी लेकिन कोर्ट ने खारिज कर दिया था। वहीं लिपिक संजीव सिंह अभी भी फरार है। कुशीनगर के रहने वाले और देवरिया में तैनात शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की पत्नी गुड़िया सिंह ने 22 फरवरी 2026 को गुलरिहा थाने में केस दर्ज कराया था।
आरोप लगाया था कि देवरिया की बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के बदले तीन शिक्षकों कृष्ण मोहन सिंह, ओमकार सिंह और अपर्णा तिवारी से 16-16 लाख रुपये, कुल 48 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिक्षकों ने गहने गिरवी रखकर और रिश्तेदारोंसे उधार लेकर रकम का भुगतान किया। इसके बावजूद आरोपितों द्वारा लगातार और धन की मांग कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
आपको बता दें कि गत 20 फरवरी 2026 को कृष्ण मोहन सिंह को बीएसए कार्यालय बुलाकर अपमानित किया गया था। इसके अगले दिन 21 फरवरी को उन्होंने गुलरिहा थाना क्षेत्र में स्थित अपने भाई के मकान में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को उनकी जेब से चार पन्नों का सुसाइड नोट मिला था, जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए बीएसए और लिपिक सहित अन्य को जिम्मेदार ठहराया था।
पुलिस ने इस मामले में सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजवा दिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें देवरिया, बलिया, लखनऊ और प्रयागराज और दिल्ली में लगातार दबिश दे रही थीं। फरार लिपिक संजीव तलाश में अभी भी टीम लगी है।
निमिष पाटील, एसपी सिटी गोरखपुर ने कहा है कि देवरिया बीएसए शालिनी श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया गया है। फरार चल रहे लिपिक की संजीव सिंह की तलाश की जा रही है, जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
