देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान एवं गृह मंत्री अमित शाह तत्काल इस्तीफा दें -- सुभाष लाल
देवरिया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव पूर्व विधायक सुभाष चंद्र श्रीवास्तव ने शहर के सिविल लाइन स्थित एक रेस्टोरेंट में पत्रकार बंधुओ से बातचीत करते हुए कहा कि 20 जुलाई को संसद मार्च में लाखों की संख्या में छात्र,छात्राएं और युवा दिल्ली पहुंचे जिसके साथ दिल्ली पुलिस ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दी।
बड़े पैमाने पर छात्र-छात्राए भीषण लाठी चार्ज में जख्मी हुए और बड़ी तादाद में प्रदर्शनकारी युवा हिरासत में लिए गए। 20 जुलाई की घटना भारतीय इतिहास के काले पन्नों में दर्ज होगी क्योंकि जो अमानवीय कृत्य और अभद्रता पुरुष पुलिस के अधिकारियों ने छात्राओं के साथ किया अब उनके वीडियो सामने आने लगे हैं। केंद्र सरकार को यह विश्वास था कि पर्यावरणविद महान वैज्ञानिक सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से उठा लेने के बाद छात्र आंदोलन तीतर-बितर हो जाएगा लेकिन सोनम वांगचुक को सफेद चादर में लपेटकर शव की तरह दिल्ली पुलिस जिस ढंग से ले गई उसने संपूर्ण देश के छात्र-छात्राओं एवं युवाओं के आक्रोश को जबरदस्त बढ़ा दिया।
जिसका सबूत है 20 जुलाई की अभूतपूर्व संख्या में विद्यार्थियों का जमावड़ा। यह स्वयं से आयी भीड़ थी। पुलिस ने संसद की ओर जाते हुए शांतिप्रिय प्रदर्शनकारियों को जिस तरह निष्ठुरता से पीटा,छात्राओं के कपड़े फाड़े, इस तरह की घृणित घटना भारत के इतिहास में कभी नहीं हुई। कल 22 जुलाई को भी अज्ञात लोग सादे वेश में आकर छात्रों एवं दिल्ली पुलिस के जवानों पर खुद लाठी चार्ज किया। इसमें सबसे चौंकाने वाली बात यह है की बड़ी संख्या में सादे लिवास में जो लोग डंडा लेकर आए और R A F के साथ छात्र-छात्राओं को पीट रहे थे वह कौन थे?
भारतीय जनता पार्टी एवं आरएसएस ने अपने लोगों को सादे लिवास में भेज कर छात्रों एवं छात्राओं पर लाठी चार्ज करवाया। जैसे हिटलर ने जर्मनी में अपने राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए अपनी प्राइवेट पुलिस बना रखी थी उसी तरह भाजपा एवं आरएसएस ने अपने लोगों को सादे लिवास में भेज कर आंदोलन को खराब करने का प्रयास किया।
पूरे प्रकरण में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव एवं सपा सांसद डिंपल यादव सहित सभी सांसदों ने जिस तरह से छात्र-छात्राओं के समर्थन में मानवता दिखाई है उसकी प्रशंसा पूरा देश कर रहा है। इस पूरे प्रकरण में हमारी मांग है कि देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान एवं गृह मंत्री अमित शाह तत्काल इस्तीफा दें। हिरासत में लिए गए सभी छात्राओं को रिहा किया जाए एवं पर्यावरण विद् सोनम वांगचुक जी को ससम्मान रिहा किया जाए।
