देवरिया के पूर्व सांसद व सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी का निधन, जिले में शोक की लहर
देवरिया। जनपद के देवरिया लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के पहले सांसद और भारतीय सेना के पूर्व उप-सेनाध्यक्ष (डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ) लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी का रविवार सुबह ११:१५ बजे दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह ८९ वर्ष के थे। वह पिछले काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे और अस्पताल में उनका उपचार जारी था।
उनके निधन की जानकारी उनके पुत्र एवं देवरिया के वर्तमान भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने सोशल मीडिया के माध्यम से दी। पूर्व सैन्य कमांडर व जननेता के निधन की खबर मिलते ही देवरिया सहित पूरे प्रदेश के राजनीतिक, सामाजिक और सैन्य गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। ३० जून १९३५ को देवरिया जिले के बैतालपुर विकासखंड के बरपार गांव में जन्मे श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी जून १९५५ में भारतीय सेना में बतौर अधिकारी कमीशन हुए थे। अपनी उत्कृष्ट और जांबाज सेवाओं के बल पर वह लेफ्टिनेंट जनरल के पद तक पहुंचे। उन्होंने १९७१ के भारत-पाक युद्ध (बांग्लादेश मुक्ति संग्राम) में अग्रिम मोर्चे पर रहकर बेहद सक्रिय और ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। वर्ष १९९२ से १९९३ तक वह देश के उप-सेनाध्यक्ष के पद पर भी तैनात रहे।
देश की सुरक्षा में उनके अद्वितीय योगदान के लिए राष्ट्रपति द्वारा उन्हें वर्ष १९८६ में 'अति विशिष्ट सेवा मेडल' (एवीएसएम) और वर्ष १९९२ में सेना के सर्वोच्च सम्मानों में से एक 'परम विशिष्ट सेवा मेडल' (पीवीएसएम) से नवाजा गया था। सैन्य सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने देश सेवा का दूसरा जरिया राजनीति को चुना और भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा। उन्होंने वर्ष १९९६ के लोकसभा चुनाव में पहली बार भाजपा के टिकट पर देवरिया सीट से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इसके बाद वर्ष १९९९ के चुनाव में भी उन्होंने दोबारा जीत हासिल कर संसद में देवरिया का प्रतिनिधित्व किया। उन्हें देवरिया संसदीय क्षेत्र से भाजपा का पहला सांसद बनने का गौरव प्राप्त है।
वर्तमान में उनके पुत्र शशांक मणि त्रिपाठी इसी सीट से भाजपा के सांसद हैं। उनके निधन पर जिले के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, समाजसेवियों और पूर्व सैनिकों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे एक युग का अंत बताया है। लोगों का कहना है कि देवरिया ने आज एक ऐसा सपूत खो दिया है जिसने सीमा पर बंदूक और संसद में जनभावनाओं की आवाज बनकर जिले का नाम पूरे देश में रोशन किया।
