आजमगढ़ में अखिलेश का नया भवन तैयार, पूर्वांचल में बनेगा सपा की रणनीति का प्रमुख केंद्र

आजमगढ़ में अखिलेश का नया भवन तैयार, पूर्वांचल में बनेगा सपा की रणनीति का प्रमुख केंद्र

आजमगढ़। जनपद में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अपने नए आवास और कार्यालय का उद्घाटन किया। इस कार्यालय का नाम 'पीडीए भवन' रखा गया, जो न केवल उनका दूसरा स्थायी ठिकाना बनेगा, बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पूर्वांचल में समाजवादी पार्टी की रणनीति का भी प्रमुख केंद्र होगा. अभी आजमगढ़ जिले की 10 विधानसभा सीटों और 2 लोकसभा सीटों पर सपा का कब्जा है।अखिलेश ने कहा कि बीजेपी का कई फ्लोर का पार्टी ऑफिस देखा है, लेकिन सपा का ये ऑफिस शानदार है। इस बार बीजेपी का आजमगढ़ चुनाव में खाता नहीं खुलेगा।

आजमगढ़ और समाजवादियों का बहुत पुराना रिश्ता है। यहां के एक्सप्रेसवे को समाजवादी सरकार ने बनाया था। अखिलेश यादव ने आजमगढ़ में मंच से बोलते हुए इटावा कथावाचक कांड का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इटावा में कथा के कार्यक्रम में पीडीए के लोग आए थे। आपने देखा उनके साथ कैसा सुलूक किया गया। इसलिए पीडीए को एकजुट होना ही होगा। पीडीए एकता ही हमें सत्ता दिलाएगी।सपा मुखिया ने कहा कि आजकल के बड़े-बड़े कथावाचक जो कथा कहते हैं, न जाने उनका कितना बजट होता है। इसलिए पीडीए के लोग गरीब कथावाचक बुलाते हैं. हमने आजमगढ़ के पार्टी कार्यालय का नाम पीडीए भवन' रखा है। सीएम योगी पर तंज कसते हुए अखिलेश ने कहा कि वे आउट गोइंग सीएम हैं. उनके साथ दो डिप्टी सीएम है. टांग खींचते हैं. समय जैसे-जैसे गुजर रहा है विधायक को जनता पीट रही है. उनके एमएलसी को कमरे में बंदकर पीटा गया. ये तो कानून व्यवस्था की हालत है. जनता उनसे ऊब चुकी है. सपा को याद कर रही है.

जानकारी के मुताबिक, आजमगढ़-फैजाबाद हाइवे पर स्थित अनवरगंज में बने सपा के इस नवनिर्मित कार्यालय का निर्माण करीब 68 बिस्वा भूमि पर किया गया है। यहां एक आवासीय भवन के साथ एक ट्रेनिंग सेंटर भी बनाया जा रहा है, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनावी रणनीति और संगठन कौशल की ट्रेनिंग दी जाएगी। राजनीतिक सूत्रों द्वारा बताया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव 2027 में बीजेपी को क्लीन स्वीप के लिए यह आलिशान भवन बनाया गया है। जिससे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूर्वांचल में पार्टी की पकड़ को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।

जिसका उद्घाटन शुक्रवार को हुआमगर काशी के पंडितों पूर्व सीएम के गृह प्रवेश में नहीं पहुंचे। ऐसे में सवाल खड़े हो गए कि आखिर क्यों काशी के पंडितों ने यह फैसला लिया जोकि राजनीतिक गलियारे में बना चर्चा का विषय बना है।

वहीं यदि सूत्रों की मानें तो काशी के पंडितों ने इटावा कांड को लेकर नाराजगी जताई और गृह प्रवेश पूजा कराने से इनकार कर दिया। साथ साथ यह भी माना जा रहा हाल ही में इटावा में ब्राह्मण समाज से जुड़े एक मामले को लेकर काशी के धर्माचार्यों ने अप्रसन्नता जताई थी।काशी के पंडितों के गृह प्रवेश से इनकार के बाद, आजमगढ़ के स्थानीय ब्राह्मणों ने कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। सगड़ी क्षेत्र के निवासी चंदन जी मेहराज ने गृह प्रवेश की विधि संपन्न कराई, जबकि अतरौलिया के श्याम धर चौबे ने भूमि पूजन कराया। दोनों स्थानीय पुरोहितों ने पारंपरिक वैदिक विधियों से पूजा संपन्न कराई, जिसमें अखिलेश यादव के परिवार के सदस्य भी शामिल रहे।