स्वावलंबी आबादी शक्तिशाली राष्ट्र का होता है आधार

स्वावलंबी आबादी शक्तिशाली राष्ट्र का होता है आधार

गोरखपुर। स्त्रियों के अधिकार एवम समानता पर हमारे समाज में विशेष बल प्रदान किया गया है। हमारे देश की आधी आबादी को कंधे से कंधा मिला कर बराबरी के आधार पर राष्ट्रीय सेवाओ में समान अवसर मिलना चाहिए। यह बाते स्व कालिका प्रसाद दुबे स्मारक महाविद्यालय एकडंगा ढखवा गोरखपुर में बुधवार को राष्ट्रीय सेवा योजना के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि उप निरीक्षक ज्योति यादव ने कही। उन्होंने आत्म सुरक्षा के विभिन्न आयामो से परिचित कराते हुए टोल फ्री नंबरो को बताया। 

           कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवम दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। स्वयं सेविकाओं ने स्वागत गीत एवम सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर मंत्रमुग्ध कर दिया। स्वागत के क्रम में प्राचार्य द्वारा स्मृति चिन्ह तथा महाविद्यालय की वरिष्ठ प्रवक्ता अनुपमा दुबे ने माल्यार्पण कर एवम शाल ओढा कर स्वागत किया। महाविद्यालय के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ बद्री नारायण उपाध्याय ने स्वागत भाषण दिया। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ आशुतोष मणि त्रिपाठी ने इस सप्त दिवसीय शिविर की उपादेयता एवम अनुभवो को बताते हुए स्वयं सेवकों के अनुशासन एवम जिम्मेदारियों की सराहना किया तथा बताया कि एक व्यक्ति को अनुशासन ही महान बनाता है।

            महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ शैलेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि श्रम का कोई विकल्प नहीं है। सफलता का कोई शॉर्टकट मत खोजो। अपने ऊपर भरोसा पैदा कर लक्ष्य का सन्धान करें। उन्होंने आत्म संयम का मंत्र दे कर सुखी जीवन का गुण बताया। राष्ट्रीय सेवा योजना वास्तव में श्रेष्ठ नागरिक निर्माण की कार्यशाला है। मानवीय मूल्यों की स्थापना करके आप इस इस विशेष शिविर की उपादेयता सिद्ध कर पाएंगे। साथ ही साथ राष्ट्र की उन्नति में साधक बनेंगे। एक सभ्य समाज की बुनियाद में एक बीज मंत्र होता है कि जियो और जीने दो, तुम दुसरो के साथ वही व्यवहार करो जो स्वंय के लिए पसंद हो।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ रविशंकर त्रिपाठी, डॉ संतोष ओझा, डॉ आशुतोष शर्मा, अनुपमा दूबे, लक्ष्मी त्रिपाठी, सूरज मौर्य, शरद चंद द्विवेदी, अच्युतानंद मिश्र, नेयाज अहमद तथा बड़ी संख्या में स्वयंसेवक तथा स्वयंसेविकाये उपस्थित रही।