जौनपुर में लेखपालों का धरना, प्रमुख मांग पदनाम, वेतनमान, भत्ते बढ़ाने और पदोन्नति 

जौनपुर में लेखपालों का धरना, प्रमुख मांग पदनाम, वेतनमान, भत्ते बढ़ाने और पदोन्नति 

जौनपुर। जनपद के कलेक्ट्रेट परिसर में शनिवार को लेखपाल संघ ने अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष अनुराग सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों लेखपालों ने एसडीएम सदर संत वीर सिंह को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

जिलाध्यक्ष अनुराग सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लेखपालों की विभिन्न मूल मांगें पिछले नौ वर्षों से लंबित हैं। इन मांगों में शैक्षणिक योग्यता और पदनाम में बदलाव, प्रारंभिक वेतनमान का उच्चीकरण, एसीपी विसंगति, मृतक आश्रित लेखपालों की पुरानी पेंशन विसंगति और राजस्व निरीक्षक एवं नायब तहसीलदार के अतिरिक्त पदों का सृजन शामिल है।

लेखपालों की अन्य प्रमुख मांगों में स्टेशनरी भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये करना, नियत यात्रा भत्ता के स्थान पर वाहन भत्ता/मोटर साइकिल भत्ता लागू करना और विशेष वेतन भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये प्रति माह करना शामिल है। संघ का कहना है कि सैकड़ों पत्राचार और परिषद व शासन स्तर पर विभागीय सहमति के बावजूद ये मांगें अभी तक पूरी नहीं हुई हैं।

संघ ने स्थानांतरण संबंधी समस्याओं पर भी प्रकाश डाला। उनके अनुसार, लगभग 3000 लेखपाल अपने परिवारों से 500 से 1000 किलोमीटर दूर कार्यरत हैं। अंतरमंडलीय स्थानांतरण के लिए 23 अगस्त 2018 को जारी शासनादेश के तहत परिषद ने ऑनलाइन आवेदन मांगे थे, लेकिन स्थानांतरण सूची अभी तक जारी नहीं की गई है, जबकि अन्य विभागों के हजारों कर्मचारियों के स्थानांतरण हो चुके हैं।

राजस्व निरीक्षक पदों पर पदोन्नति में भी देरी का आरोप है। 02 जुलाई 2025 और 03 सितंबर 2025 को दिए गए निर्देशों के बावजूद, चयन वर्ष 2025-26 के लिए राजस्व निरीक्षक पदों पर पदोन्नति हेतु विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) अभी तक नहीं हो सकी है। लेखपाल संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।