संवैधानिक रूप से महिला सशक्त फिर भी उत्पीड़न पर गोष्ठी का आयोजन

संवैधानिक रूप से महिला सशक्त फिर भी उत्पीड़न पर गोष्ठी का आयोजन

देवरिया। महिलाओ के संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक संगोष्ठी का आयोजन स्थानीय रेस्टोरेंट मे रोटरी क्लब देवरिया सेंट्रल और अर्चना फाउंडेशन के सयुंक्त तत्वाधान मे आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ नगर पालिका अध्यक्ष अलका सिंह, शशि सिंह, अनुपम मौर्य, एवं कार्यक्रम संयोजक रोटरी हिमांशु कुमार सिंह के द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया।

 तदोपरांत अंजनी द्विवेदी ने ईश्वर बन्दना एवं गणेश वंदन किया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए हिमांशु सिंह ने संगोष्ठी के विषय *' संवैधानिक रूप से महिला सशक्त फिर भी उत्पीड़न एवं अपराध के सबसे ज्यादा घटना महिलाओ के प्रति ही क्यों '* इस पर विस्तार से चर्चा की। कवियत्री गरिमा पाण्डेय ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओ के साथ भेदभाव किया जाता है, तो उर्मिला यादव ने कहा कि हर जगह स्त्री की मूलभूत सुबिधा जैसे पिंक टॉयलेट आदि का शहर मे अभाव रहता है, साथ ही माया सिंह ने कहा कि अपने देश भारत मे स्त्री को देवी के रूप मे पूजा जाता है, पर सबसे ज्यादा अपराध भी यही होता है। नीतू सिंह का कहना था कि भारत मे बलात्कार के केस प्रतिदिन लगभग 90 मामले आते है जिसमें 85% केस मे बलात्कार उनके अपने लोगों द्वारा किया जाता है।

 डॉ शबनम ने कहा कि कहना कि भूर्ण हत्या के मामले मे कभी कभी एक महिला ही दूसरी महिला की दोषी होती है। मुख्य अथिति अलका सिंह ने कहा कि एक महिला के अंदर पुरुष स्पर्श और भावना को पढ़ने की अद्विती क्षमता होती है, वह खतरे को तुरंत भाप लेती है। वन क्षेत्रधिकारी अनुपम मौर्य ने कहा कि वह स्वयं दो परिवार का देखभाल करती हैँ, एक स्वयं का दूसरा समाज मे पुत्र समान एक बृक्ष का,। कार्यस्थल पर कई चुनौती का सामना करना पड़ता है। श्रम अधिकारी शशि सिंह, अधिकारी निशा सिंह ने मोबाइल के प्रयोग ने सुविधा बढ़ाने के साथ परिवार के प्रत्येक सदस्य को एक दूसरे से दूर कर दिया हैँ। एसडीएम सदर श्रुति शर्मा ने कहा कि परिवार मे एक लड़का स्वतंत्रत तो हो लेकिन स्वछंद न हो, लड़ाई लड़नी है लेकिन अधिकार की नहीं बल्कि अवसर के लिए लड़ना है।

 संविधान मे कोई भेदभाव नहीं किया गया है बस सोच ओर मानसिकता को बदलनी होगी। इस अवसर पर सभी मौजूद महिलाओ को अंग वस्त्रम, स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया। अंजली श्रीवास्तव, शीला श्रीवास्तव, यामिनी कंसल, अंजनी द्विवेदी, मंशा सिंह, उर्वसी पचारिया, अंजली यादव, शर्मीला सोनी, प्रियंका सिंह, आराधना गुप्ता, सुचित्रा अवस्थी, नीतू मिश्रा, सीमा सोनी, रेखा श्रीवास्तव, सोनाली शर्मा, चांदनी अंसारी, सीमा जायसवाल, शाइस्ता परवीन, प्रेमा केडिया, दीप्ती त्रिपाठी, नीलू शर्मा, नीतू सिंह, कविता पाण्डेय, अजय विश्वकर्मा, अतुल बरनवाल, मनोज मद्देशिया, गोपाल, डॉ अकरम आदि लोग मौजूद रहे।