हिंदी दिवस पर न्यू लाइट एकेडमी में आयोजित हुआ भाषण प्रतियोगिता 

हिंदी दिवस पर न्यू लाइट एकेडमी में आयोजित हुआ भाषण प्रतियोगिता 

देवरिया। जनपद के नेहरू नगर चकिया में स्थित न्यू लाइट एकेडमी में हिंदी दिवस के अवसर पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया। जहां विद्यालय के बच्चों ने इस कार्यक्रम में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया और अपने प्रतिभा का लोहा मनवाया। इस अवसर पर बच्चों को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रबंधक राजेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि वर्तमान समय में हिंदी भाषा विश्व में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में तीसरे नंबर पर है। पहले नंबर पर अंग्रेजी, दूसरे नंबर पर मैंडरिन एवं तीसरे नंबर पर हिंदी भाषा बोली जाती है। वर्तमान समय में हिंदी बोलने वालों की संख्या करीब 609.1 लाख से भी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि देश के आजाद होने के बाद सन 1949 में संविधान सभा ने हिंदी को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया। हिंदी दिवस मनाने की आधिकारिक तौर पर शुरुआत 14 सितंबर 1953 को की गयी थी । 1953 में भारत के प्रधानमंत्री पद पर पंडित जवाहर लाल नेहरू ने संसद भवन में 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।

विद्यालय के प्रधानाचार्य विनोद पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी विश्व की प्राचीन और समृद्ध भाषाओं में से एक है। यह देवनागरी लिपि में लिखी जाती है, जिसे सरल और वैज्ञानिक माना जाता है। इसे बोलने और समझने वालों की संख्या करोड़ों में है। भारत के तह ही इस भाषा का उपयोग नेपाल, मॉरीशस, फिजी, त्रिनिदाद, सूरीनाम और अमेरिका जैसे देशों में भी हिंदी भाषी लोगों द्वारा किया जाता है। वर्तमान समय में यह भाषा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। 

हिंदी दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि हम अपनी मातृभाषा को गौरव प्रदान करें और उसके प्रयोग को बढ़ावा दें। किसी भी राष्ट्र की पहचान उसकी भाषा और संस्कृति से होती है। यदि हम हिंदी का महत्व समझेंगे तो हमारी आने वाली पीढ़ियां भी इसकी जानकार रहेंगी। हिंदी अध्यापिका सुमन तिवारी ने बताया वर्तमान समय में आधुनिक जीवनशैली और तकनीकी दुनिया में हिंदी का प्रयोग कम होता जा रहा है। हिंदी अध्यापिका राधिका तिवारी ने बताया कि लोग अपनी बोलचाल और लेखन में अंग्रेजी भाषा को अधिक तरजीह दे रहे हैं। इस चुनौती का समाधान यही है कि हम स्वयं से यह संकल्प लें कि दैनिक जीवन में हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करेंगे। जिससे की हमारी भाषा ऐसे ही आगे बढ़ती रहे।

इस मौके पर विद्यालय के प्रभारी नम्रता उपाध्याय तथा अनुशासन प्रभारी निशा विश्वकर्मा एवं अध्यापक गणों में मुख्य रूप से ममता मिश्रा, शशिकला गुप्ता, महक खातून, आशिया खातून, सूरज तिवारी, अविनाश शर्मा, हिमांशु कुशवाहा, लाल बाबू दुबे, धनंजय शुक्ला, जूली सिंह, बाला दुबे, पूजा कुमारी, साक्षी चतुर्वेदी, आदि मौजूद रहे।