विद्युत संविदा मजदूर संगठन ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर दिया धरना

विद्युत संविदा मजदूर संगठन ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर दिया धरना

देवरिया। जनपद में विद्युत संविदा मज़दूर संगठन उत्तर प्रदेश के केंद्रीय आवाहन पर अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल कार्यालय देवरिया पर एक दिवसीय धरना आंदोलन विद्युत संविदा मज़दूर संगठन के जिला अध्यक्ष आनंद सिंह के नेतृत्व में किया गया। अध्यक्ष उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन को संबोधित मांग पत्र अधीक्षण अभियंता को दिया गया । 

धरना आंदोलन को संबोधित करते हुए प्रांतीय महामंत्री राजेश्वर सिंह ने कहा कि प्रबंधन सरकार की छवि को खराब करने पर तुला हुआ है आए दिन नए अनुबंध में पूर्व में कार्य कर रहे संविदा कर्मियों की संख्या को कम कर दिया जा रहा है इसके कारण हर वर्ष प्रदेश में हजारों हजारों की संख्या में संविदा कर्मी बेरोजगार हो रहा है एक तरफ सरकार का दावा है कि वह मजदूरों के साथ खड़ी है और मजदूरों का मानदेय बढ़ाने का कार्य कर रही है इसके लिए आयोग का गठन किया जा रहा है लेकिन धरातल पर वास्तविकता यह है की संविदा कर्मियों का मानदेय बढ़ाया नहीं जा रहा है।

 बल्कि अनुबंध में संख्या कम कर लगातार संविदा कर्मियों को विभाग से निकलने का कार्य किया जा रहा है देवरिया में वर्तमान समय में एस एम एम इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य कर रही है जिसके तहत 725 लोग देवरिया जिले में तैनात हैं जबकी इसके पूर्व वर्ष 2022 –23 कार्यरत कंपनी जीम वेंचर pvt LTD में 776 संविदा कर्मी कार्यरत थे 2023 में जब नई कम्पनी का टेंडर हुआ तो 51 संविदा कर्मचारी कम कर दिए गए और उनको बिना किसी सूचना बिना किसी जानकारी के विभाग से निकाल दिया गया जो श्रम विभाग के नियमों के खिलाफ है और अब फिर नया टेंडर होने वाला है जिसमें लगभग 60 से 70 संविदा कर्मचारियों को टेंडर में ही संख्या कम कर निकालने का रणनीति प्रबंध कर रहा है जो कहीं से भी मजदूर हित में नहीं है प्रबंधन को संगठन की ओर से सख्त चेतावनी दी जा रही है अगर प्रबंधक अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया तो आगे बहुत बड़ा आंदोलन करने के लिए संगठन बाध्य होगा। 

अपनी 11 सूत्री मांगों के समर्थन में आज अपनी आवाज को बुलंद किए हैं अगर प्रबंधन ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया और देवरिया में कार्यरत संविदा कर्मियों कि संख्या को कम किया गया तो जिस दिन अनुबंध निकलेगा उसी दिन सारे संविदा कर्मी कार्य बहिष्कार कर अपनी आवाज को बुलंद करेंगे आए दिन उपभोक्ताओं की संख्या दिन रात बढ़ती जा रही है और कर्मचारियों की संख्या कम की जा रही है जो सीधे तौर पर कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है ।

आंदोलन को संबोधित करते हुए जोन प्रभारी विपिन विश्वकर्मा ने कहा आज ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की संख्या के अनुरूप कर्मचारियों की संख्या अत्यधिक कम है ग्रामीण क्षेत्रों में संविदा कर्मियों का शोषण चरम सीमा पर है संविदा कर्मियों से 8 घंटे के बजाय 16 घंटे 18 घंटे प्रतिदिन ड्यूटी कराई जा रही है अगर कोई संविदा कर्मी इसका विरोध कर रहा है तो उसे कार्य से हटाने की धमकी देकर जबरन कार्य कराया जा रहा है जिसको संगठन करता ही बर्दाश्त नहीं करेगा ।

आंदोलन को संबोधित करते हुए खंडीय उपाध्यक्ष अजय यादव ने कहा यह प्रबंधन केवल शोषण के लिए उतारू हैं प्रबंधन की तानाशाही चरम सीमा पर है जिला अध्यक्ष आनंद सिंह ने कहा की सरकार की छवि को खराब करने के के लिए लगता है प्रबंधन विपक्ष से मिला हुआ है और सरकार के द्वारा जो मजदूरों की बात कही जा रही है उसके ठीक विपरीत कार्य कर रहा है।  हम लोग अपनी 11 सूत्री मांगों के समर्थन में केंद्रीय आवाहन पर धरना आंदोलन पर बैठे हुए हैं और अगर हमारी मांगे पूरी नहीं हुई तो आगे आने वाले समय में केंद्रीय कमेटी जो निर्णय लेगी उसे पर जोर-जोर से कार्य किया  जाएगा । 11 सूत्रीय मांगों में श्रमिक को रुपया 22000 एवं लाइनमैन एसएसओ तथा कंप्यूटर ऑपरेटर को रुपया 25000 वेतन दिया जाए ।

, संविदा कर्मियों को विभाग द्वारा सीधे भुगतान किया जाए |, संविदा कर्मचारियों की सेवा के संबंध में नियमावली बनाई जाए |, संविदा कर्मियों की छटनी पर रोक लगाई जाए और निकाले गए कर्मियों को वापस लिया जाए |, 2023 की हड़ताल में काम करने के बावजूद निकाले गए संविदा कर्मियों को काम पर वापस रखा जाए।,संविदा कर्मियों की सेवानिवृत्ति आयु 55 वर्ष से बढ़कर 60 वर्ष की जाए। घायल संविदा कर्मियों के उपचार हेतु कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। राजस्व में निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने वाले सभी सब स्टेशनों को निर्धारित प्रोत्साहन राशी का भुगतान किया जाए।, आउटसोर्स कंपनी का कार्य समाप्त होने पर ईपीएफ कार्यालय को एक्जिट डेट की सूचना दी जाए, लाइनों के ब्रेकडाउन पेट्रोलिंग तथा अन्य कार्य हेतु दुरुस्त आवागमन के लिए पेट्रोल भत्ता दिया जाए, सेवा काल में मृत्यु के उपरांत उनके आश्रितों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने भी हेतु रु 20 लाख का बीमा कराया जाए, फील्ड कर्मचारियों के लिए उपस्थिति हेतु फेशियल अटेंडेंस का आदेश वापस लेना आदि शामिल है।

इस दौरान दुर्गेश कुमार, प्रभुनाथ सिंह, पंकज मल्ल, अश्वनी बरगाह, सत्यम मद्धेशिया, नित्या नन्द, ऋषिकेश यादव, ओम नारायण गुप्ता, अखिलेश कुमार, सुधीर पटेल , मिंटू कुमार, हरिराम ,मुनीर बलवंत सिंह, भोला, गुड्डू, रियाज , दुर्गेश, आदि सैकड़ों की संख्या में संविदा कर्मी मौजूद रहे