मध्यस्थता से हो रहा वर्षों पूर्व से लम्बित फौजदारी एवं अन्य मामलों का निपटारा

मध्यस्थता से हो रहा वर्षों पूर्व से लम्बित फौजदारी एवं अन्य मामलों का निपटारा

देवरिया। मध्यस्थता एवं सुलह समझौता केन्द्र (ए0डी0आर0 भवन) के द्वारा कई वर्षों से लम्बित फौजदारी मुकदमंे को सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री मनोज कुमार तिवारी द्वारा मध्यस्थता के माध्यम से निस्तारित किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कक्ष संख्या-17, देवरिया द्वारा मध्यस्थता हेतु संदर्भित किये जाने पर मामला जिला विधिक सेवा प्राधिरकण, देवरिया में मध्यस्थता एवं सुलह समझौता हेतु प्राप्त हुआ।

 मामलें का तथ्य इस प्रकार है कि दिनांक 04.09.2025 को फौजदारी वाद संख्या-799/2018, सरकार बनाम धनेश गोड़ का प्रकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया के कार्यालय के माध्यम से सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, देवरिया श्री मनोज कुमार तिवारी के समक्ष आया। प्रकरण में वादी राजकुमार अपने अधिवक्ता श्री वासुदेव यादव एवं अभियुक्तगण धनेश गोड़, अभिषेक, सुमन देवी व सुधा कुमारी अपने अधिवक्ता श्री राकेश कुशवाहा के साथ उपस्थित हुए।

 मामलें के तथ्य इस प्रकार थे, कि सन् 2018 में वादी राजकुमार को खेत की मेड़ को लेकर अभियुक्तगण द्वारा मार-पीट, गाली गुप्ता दिया गया था। सचिव द्वारा उक्त प्रकरण में उभयपक्षों के रजामन्दी के साथ मध्यस्थता कराकर कई वर्षों से लम्बित फौजदारी विवाद का निस्तारण कराया गया। उन्होने कहा कि मध्यस्थता का मुख्य उद्देश्य विवादों को आपसी सहमति से सुलझाना है। मध्यस्थता, पक्षो के बीच संबंधों को बनाए रखने में मदद करता है एवं पक्षों को अपने विवादों को स्वयं हल करने का अधिकार देता है। मध्यस्थता के द्वारा निस्तारित मामलें में दोनों पक्ष जीतते है, कोई हारता नही है।

 सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवरिया श्री मनोज कुमार तिवारी द्वारा आमजन से एवं विधि व्यवसायियों से अपील की गई कि वे अपने मामलें को न्यायालय से निवेदन कर मध्यस्थता हेतु संदर्भित कराये और ‘‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान‘‘ का लाभ उठाए।