बजट 2026–27 का बजट हुआ पेश , जाने क्या हुआ सस्ता क्या हुआ महंगा 

बजट 2026–27 का बजट हुआ पेश , जाने क्या हुआ सस्ता क्या हुआ महंगा 

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट 2026–27 पेश करते हुए सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की भविष्यगामी रूपरेखा प्रस्तुत की। बजट में जहां रक्षा, बुनियादी ढांचे और तकनीक पर बड़े निवेश की घोषणा की गई, वहीं मध्यम वर्ग और आम आदमी को भी कई अहम राहतें दी गई हैं। बजट का सबसे ऐतिहासिक फैसला 1961 के पुराने आयकर कानून को बदलकर नया आयकर अधिनियम (New Income Tax Act) लाने का है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। सरकार का दावा है कि इससे कर प्रणाली सरल, पारदर्शी और करदाताओं के लिए अधिक सहज बनेगी।

जहां बजट में मध्यम वर्ग को राहत देते हुए सरकार ने विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए भेजे जाने वाले धन (LRS) पर लगने वाले TCS की दर 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दी है। वहीं, शेयर बाजार में बढ़ती सट्टेबाजी पर लगाम लगाने के उद्देश्य से ऑप्शन ट्रेडिंग और फ्यूचर्स पर लगने वाले प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) में बढ़ोतरी की गई है। ऑप्शंस पर STT को 0.10 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया गया है।

रक्षा क्षेत्र को मजबूती देते हुए सरकार ने रक्षा बजट को बढ़ाकर लगभग ₹7.31 लाख करोड़ कर दिया है। इसमें स्वदेशी सैन्य उपकरणों की खरीद और सीमाओं के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया गया है। देश के बुनियादी ढांचे को नई गति देने के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) प्रस्तावित किया गया है। इसके तहत 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और सूरत से दानकुनी के बीच नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर विकसित किया जाएगा।

कृषि क्षेत्र के लिए ₹1.37 लाख करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। साथ ही खेती से जुड़ी सटीक और आधुनिक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए ‘भारत विस्तार’ नामक AI टूल की घोषणा की गई है। लघु उद्योगों (MSME) को गति देने के लिए ₹10,000 करोड़ का ग्रोथ फंड प्रस्तावित किया गया है। इसके अलावा ‘सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ के जरिए तकनीकी आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।

आम जनता को राहत देते हुए सरकार ने कैंसर की 17 जीवनरक्षक दवाओं, मोबाइल फोन, चार्जर, सोना-चांदी, सोलर पैनल और ई-वाहनों की बैटरियों पर सीमा शुल्क घटाने का फैसला किया है, जिससे ये उत्पाद सस्ते होंगे। वहीं, सिगरेट और तंबाकू उत्पादों के साथ-साथ डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग करना महंगा हो जाएगा।

सरकार ने राजकोषीय घाटे को 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य तय किया है, जिससे आर्थिक स्थिरता और वित्तीय अनुशासन का स्पष्ट संदेश दिया गया है। कुल मिलाकर, बजट 2026–27 को विकास, निवेश, तकनीक और सामाजिक संतुलन का बजट माना जा रहा है, जिसमें रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने के साथ-साथ आम आदमी और मध्यम वर्ग की जरूरतों का भी ध्यान रखने का प्रयास किया गया है।