प्रायोगिक ज्ञान से विकसित होती है वैज्ञानिक तार्किक सोच : कुलपति
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर परिसर में विद्यार्थियों को विज्ञान से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शनिवार को हुई।विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित “साइंस बस प्रदर्शनी” का उद्घाटन विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो. वंदना सिंह द्वारा किया गया। यह साइंस बस प्रदर्शनी विश्वविद्यालय परिसर में एक माह तक संचालित की जाएगी।जिससे बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को विज्ञान के प्रयोगात्मक और व्यावहारिक पक्ष को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा।
साइंस बस प्रदर्शनी में आई.आई.टी. कानपुर की विशेषज्ञ टीम द्वारा विद्यार्थियों को विज्ञान से जुड़े विभिन्न प्रयोगों एवं आधुनिक उपकरणों की जानकारी अत्यंत रोचक एवं सरल तरीके से दी जा रही है। प्रदर्शनी में टेलीस्कोप, 3-डी प्रिंटर, रसायन विज्ञान तथा भौतिक विज्ञान से संबंधित अनेक प्रयोगों का जीवंत प्रदर्शन किया जा रहा है, जिसे विद्यार्थी बड़े उत्साह और जिज्ञासा के साथ देख रहे हैं। इन प्रयोगों के माध्यम से छात्रों में विज्ञान के प्रति रुचि उत्पन्न करने के साथ-साथ उनके वैचारिक और विश्लेषणात्मक कौशल को भी विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। उद्घाटन अवसर पर कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, नवाचार की प्रवृत्ति तथा तार्किक सोच के विकास में प्रायोगिक ज्ञान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
साइंस बस जैसी पहल विज्ञान को पुस्तकों की सीमाओं से बाहर लाकर विद्यार्थियों के दैनिक जीवन से जोड़ती हैं। पूर्वांचल विश्वविद्यालय का यह निरंतर प्रयास रहा है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों के युवाओं तक विज्ञान की पहुँच सुनिश्चित की जाए तथा उन्हें अनुसंधान एवं नवाचार के लिए प्रेरित किया जाए। डीएसटी पर्स परियोजना एवं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश का यह सहयोग विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं सामाजिक दायित्वों को और अधिक सुदृढ़ करता है।
उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों को केवल परीक्षा तक सीमित न रखकर उन्हें वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और समस्याओं के समाधान हेतु नवाचारी सोच विकसित करने के लिए प्रेरित करती हैं।परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि साइंस बस प्रदर्शनी के माध्यम से विश्वविद्यालय परिसर में एक माह तक विज्ञान-प्रचार की गतिविधियाँ संचालित की जाएँगी, जिसमें विश्वविद्यालय के साथ-साथ क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों एवं संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को भी आमंत्रित किया गया है । उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं के साथ प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. गिरिधर मिश्र, प्रो. मिथिलेश सिंह, उप कुलसचिव बबीता सिंह, डॉ. एस. पी. तिवारी, डॉ. धीरेंद्र चौधरी, डॉ. पुनीत धवन, डॉ. काजल डे, डॉ. सुजीत चौरसिया सहित शिक्षक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।
