आयुष्मान आरोग्य मंदिर बढ़या फुलवारिया में पीएसपी के सहयोग से प्रभावित अंग की देखभाल के लिए दिया गया प्रशिक्षण
देवरिया। फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत भलुअनी ब्लॉक के आयुष्मान आरोग्य मंदिर बढ़या में सोमवार को सीएचओ के नेतृत्व में गठित पीएसपी (पेशेंट स्टेक होल्डर प्लेटफार्म) के सदस्य सहयोग से फाइलेरिया मरीजों को एमएमडीपी प्रशिक्षण व जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में मरीजों को रुग्णता प्रबंधन और दिव्यांगता निवारण किट का वितरण किया गया। इस दौरान 13 फाइलेरिया (हाथीपांव) के मरीजों को एमएमडीपी किट का वितरण किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एसीएमओ वेक्टर बार्न कंट्रोल प्रोग्राम डॉ हरेंद्र कुमार ने कहा कि एमएमडीपी व व्यायाम को अपनाकर फाइलेरिया मरीजों को दिव्यांगता से बच सकते हैं। आम लोंगो की तरह जीवन व्यतीत कर सकते हैं।
एसीएमओ ने कहा कि फाइलेरिया प्रभावित अंग की सही देखभाल, साफ सफाई और व्यायाम से हाथीपांव को आराम मिलता है। जिला मलेरिया अधिकारी सीपी मिश्रा ने बीमारी की गंभीरता के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि फाइलेरिया बीमारी क्यूलेक्स मच्छर फाइलेरिया संक्रमित व्यक्ति को काटने के बाद किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है तो उसे भी संक्रमित कर देता, लेकिन संक्रमण के लक्षण पांच से 15 वर्ष में उभरकर सामने आते हैं।
इससे व्यक्ति के हाथ-पैर में सूजन की शिकायत होती है या फिर अंडकोष में सूजन आ जाती है। शुरुआत में रोग की पहचान होने पर इसे रोका जा सकता है। इस बीमारी से साल में एक बार लगातार पांच साल दवा के सेवन से बचा जा सकता है।
पीएसपी सदस्य सीएचओ ब्यूटी विश्वास ने डेमो देकर प्रभावित अंग की साफ सफाई की जानकारी दी। किट में मौजूद सामग्री जैसे साबुन, टावेल, एंटीसेप्टिक व अन्य उपकरणों के उपयोग की विधि करके दिखाया व मरीजों को समझाया। जिससे वह घर पर ही अपने घावों और पैरों की बेहतर देखभाल कर सकें। इसके साथ ही व्यायाम करने के टिप्स दिया।
कार्यक्रम में सहयोगी संस्था सीफार जिला प्रतिनिधि सहित पीएसपी सदस्य ग्राम प्रधान कृष्णमोहन तिवारी, संगिनी मंजू देवी, फाइलेरिया मरीज सत्यप्रकाश, कमला देवी, आशा, आंगनबाडी, फाइलेरिया मरीज और ग्रामीण मौजूद रहे।
