किसान दिवस का किया गया आयोजन
देवरिया। किसान दिवस का आयोजन जिलाधिकारी श्रीमती दिव्या मित्तल की अध्यक्षता में गांधी सभागार, विकास भवन, देवरिया में किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में यूरिया एवं डीएपी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। यदि कोई समिति या विक्रेता टैगिंग अथवा कालाबाजारी करते हुए पाया गया तो उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने उपस्थित किसानों से अपील की कि आगामी किसान दिवस में वे अपनी समस्याएं लिखित रूप में लेकर आएं, जिससे विभागीय अधिकारियों द्वारा उनका त्वरित समाधान कराया जा सके।
उप कृषि निदेशक, देवरिया द्वारा गत माह आयोजित किसान दिवस में प्राप्त शिकायतों की अनुपालन आख्या से कृषकों को अवगत कराकर की गई। लोरिक पुत्र मंगल एवं अन्य कृषकों ने बताया कि वे विकास खण्ड गौरीबाजार के निवासी हैं, किंतु बीज भण्डार पर आधार कार्ड से जांच करने पर विकास खण्ड भलुअनी प्रदर्शित हो रहा है। इस पर उप कृषि निदेशक ने कृषकों को सलाह दी कि वे अपने राजकीय कृषि बीज भण्डार पर जाकर आधार कार्ड प्रस्तुत कर विकास खण्ड की प्रविष्टि में सुधार करा लें।
भारतीय किसान यूनियन के विनय सिंह ने बताया कि जनपद में अत्यल्प वर्षा हो रही है और नहरों में पानी नहीं आ रहा है। किसानों की सिंचाई व्यवस्था केवल ट्यूबवेल पर निर्भर है, जबकि प्रत्येक विकास खण्ड में 4 से 5 ट्यूबवेल खराब हैं। इस पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियन्ता, नलकूप को निर्देश दिया कि जनपद के समस्त नलकूपों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष गिरीश चन्द्र शाही ने विद्युत ओवरलोडिंग से ट्रांसफार्मरों के बार-बार जलने की समस्या उठाई। उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग नए ट्रांसफार्मर लगाने में अत्यधिक विलंब करता है। इस पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियन्ता, विद्युत को निर्देशित किया कि ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि हेतु विभाग के कर्मी घर-घर जाकर आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करें। साथ ही उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सीयूजी फोन न उठाने वाले जेई/एई को चेतावनी दी जाए कि किसानों के कॉल अनिवार्य रूप से रिसीव करें, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
विनय सिंह ने यह भी बताया कि निजी नलकूप हेतु किए गए ऑनलाइन आवेदन पर जेई द्वारा समय से रिपोर्ट नहीं दी जाती। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ऑनलाइन आवेदन के 15 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए एवं समयबद्ध विद्युत कनेक्शन जारी किया जाए।नहरों में पानी न आने की शिकायत पर अधिशासी अभियन्ता, नहर ने बताया कि कई स्थानों पर किसान नहरों की कटाई कर निजी सिंचाई कर रहे हैं, जिससे टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा। जिलाधिकारी ने इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि कटाई रोकने हेतु पेट्रोलिंग कराई जाए और दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही उप जिलाधिकारी एवं क्षेत्राधिकारी को पत्र भेजकर सहयोग प्राप्त करने के निर्देश दिए।
जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि प्रतापपुर चीनी मिल द्वारा अभी तक केवल 42 प्रतिशत भुगतान किया गया है, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित मिल के विरुद्ध आरसी जारी करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी प्रत्यूष पाण्डेय, मुख्य राजस्व अधिकारी, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, अधिशासी अभियन्ता (नहर), प्रभारी भूमि संरक्षण अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, अधिशासी अभियन्ता (विद्युत), सहायक अभियन्ता (नलकूप), प्रबन्धक (दुग्ध विभाग), राघवेन्द्र प्रताप शाही, कौशलेशनाथ मिश्र (प्रदेश उपाध्यक्ष), अतुल मिश्रा, गिरीश चन्द्र शाही (जिलाध्यक्ष), रमेश मिश्रा, अनिरुद्ध सिंह, सदानन्द यादव, मनोज पाण्डेय, सत्याग्रहण सरोज सहित कई प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।
