काशी विश्वनाथ का था वो पसंद, माँ भुवनेश्वरी का वो पुत्र था विवेकानंद 

काशी विश्वनाथ का था वो पसंद, माँ भुवनेश्वरी का वो पुत्र था विवेकानंद 

काशी विश्वनाथ का था वो पसंद, माँ भुवनेश्वरी का वो पुत्र था विवेकानंद 

देवरिया। जनपद के टाउन हाल के पीछे देवरिया क्लब में युवाओं के प्रेरणा स्रोत तथा भारत के भविष्य को 144 वर्ष पूर्व तय कर देने वाले महापुरुष स्वामी विवेकानंद जी का 161वी जन्मोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का श्री गणेश गोरक्ष प्रान्त के प्रान्त प्रचारक आदरणीय रमेश, जिला संघ चालक सेवनिवृत प्राचार्य प्रोफ. मधुसूदसन, कार्यक्रम के अध्यक्ष सहायक आचार्य डॉ अजय यादव जी के द्वारा गणेश जी के प्रतिमा पर पुष्पार्पण और भारत माता तथा विवेकानंद के चित्र पर पुष्पार्पित कर किया गया।

          डॉ अजय नें अपने उद्बोधन में स्वामी विवेकानंद के बारे में बताते हुए कहा की भारत माता का वो प्रथम पुत्र थे जिन्होंने सनातन धर्म का वैश्विक पटल पर प्रतिनिधित्व किया था। आज इन्ही के प्रेरणा से भारत विकसित भारत के राह पर अग्रसर है।

     प्रान्त प्रचारक नें अपने उद्बोधन से स्वामी विवेकानंद के नरेन्द्र से लेकर विवेकानंद बनने तक के संघर्षो को याद करते हुए कहा कि भारत आज जो मृत्युंजय है उसके पीछे जो हम इन महापुरुषों के जयंती मनाते है वो है। स्वामी विवेकानंद के विना यह भारत अधूरा है। भारत तभी विश्व गुरु होगा जब स्वामी विवेकानंद के बताये रास्ते पर चलेगा। कार्यक्रम का समापन भारत माता के आरती के पश्चात हुआ। जिन गणमान्य आगंतुओं की उपस्थिति थी उनमे सह सह प्रांत कार्यवाह वीरेंद्र सह जिला संघ चालक अवनीश जी प्रताप जी कार्यक्रम के संयोजक राजेश शुक्ला, सह संयोजक अवनिंन्द्र, आशुतोष, आदित्य विक्रम,  सदर विधायक डॉ शलभ मणि त्रिपाठी, भाजपा नेत्री अर्चना,  प्रेम, हरेंद्र जायसवाल, डॉ अजय मणि, हरेंद्र जायसवाल, डॉ रणधीर, विभाग कार्यवाह रामप्रवेश, राधरमण , मनीष, राजेश, दिवाकर, उमेश राय, अंजनी, कल्पना, मोनिका, प्रिया, रवि शंकर , शिवम, आशुतोष, तथा नगर प्रचारक पंकज, उपस्थित रहें।